कोरबा। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने कहा है कि भाजपा इस मुगालते में न रहे कि जन मुद्दों और समस्याओं पर निगम की कांग्रेस सरकार के खिलाफ संघर्ष करती हुई माकपा का भाजपा को कभी समर्थन मिलेगा। यह भाजपा की दिवालिया राजनीति का ही प्रतीक है कि वह यह हास्यास्पद दुष्प्रचार कर रही है कि उसके ज्ञापन को माकपा का मौखिक समर्थन है। इस ज्ञापन से उसके सत्ता में न आने के दर्द का तो पता चलता ही है, निजीकरण और आउटसोर्सिंग जैसे नीतिगत मुद्दों पर उसके विरोध के दिखावे का भी पता चलता है।

भाजपा द्वारा कल जिलाधीश को दिए गए ज्ञापन के संबंध में माकपा जिला सचिव प्रशांत झा ने यह कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि इस ज्ञापन का माकपा से कोई संबंध नहीं है। माकपा नेता ने कहा कि इस निगम पर भाजपा ने 15 वर्षों तक राज किया है। बांकी मोंगरा क्षेत्र के पिछड़ेपन के लिए यह पार्टी भी प्रत्यक्ष रूप से जिम्मेदार है। जनहित के मुद्दों पर भाजपा की एक भी ऐसी उपलब्धि नहीं है कि वह उसे अपना बता सके। उसके राज में भी निगम में भ्रष्ट ठेकेदारों का ही बोलबाला था और गरीबों पर करों का बेतहाशा बोझ लादा गया था और उन्हें आवास और रोजी-रोटी से बेदखल किया था।

झा ने भाजपा पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि जिस पार्टी ने किसान विरोधी कानून बनाकर पूरे देश की अर्थव्यवस्था को कॉरपोरेटों के हाथों बेचने का काम किया है, जिस पार्टी ने अटल राज में बाल्को और बीपीसीसी के निजीकरण में अपनी भरपूर भूमिका अदा की हो और आज भी केंद्र की सत्ता में रहकर सार्वजनिक क्षेत्र का निजीकरण कर उन्हें चंद कॉरपोरेटों को सौंप रही है, वह पार्टी यदि निजीकरण और आउटसोर्सिंग को मुद्दा बनाकर निगम पर कब्जा करने का सपना देख रही है, तो वह मुंगेरीलाल का सपना ही हो सकता है — लेकिन यह सपना हसीन नहीं है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस को समर्थन देते हुए भी माकपा का क्षेत्र के विकास संबंधी नीतिगत सवालों पर और जनहित के मुद्दों पर संघर्ष जारी रहेगा और आम जनता को इन मुद्दों पर लामबंद किया जाएगा। माकपा ने कहा है कि कांग्रेस को भी यह समझ लेना चाहिए कि निगम के नियमित कार्यों में निजीकरण और आउटसोर्सिंग का प्रस्ताव सिर्फ निगम के आय पर केंद्रित न होकर आम जनता और निचले तबके के लिए फायदेमंद है या नहीं इसको प्राथमिकता देनी चाहिए और पुनर्विचार कर संशोधन करने चाहिए । राजनैतिक रूप से उसके लिए भी नफा नुकसानदेह का विचार करना चाहिए। इसलिए माकपा पार्षदों को सदन में दिए गए अपने आश्वासन के अनुरूप वह इस पर पुनर्विचार करें।

झा ने कहा कि कांग्रेस-भाजपा के विकल्प के रूप में जन समस्याओं और नीतिगत मुद्दों पर माकपा आम जनता को स्वतंत्र रूप से लामबंद करेगी और जनहित में सड़क की लड़ाई लड़ने में पीछे नहीं हटेगी। इस प्रक्रिया में निगम की कांग्रेस सरकार को कोई धक्का लगता है, तो इसके लिए वही जिम्मेदार होगी।