कोरबा/ भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ब्रिगेड कोरबा के जिलाध्यक्ष एवं राजीव कांग्रेस संगठन के जिला उपाध्याय श्री विजय मेश्राम ने केंद्र सरकार द्वारा पारित किए गए कृषि विधेयक बिल पर कहा कि संसद में पेश किए जाने वाले कृषि उपज व्यापार और वाणिज्य, कृषक सशक्तिकरण एवं संरक्षण, कीमत आश्वासन और आवश्यक वस्तु यह तीनो बिलों को राज्यसभा में सांसदों के बीच बिना चर्चा एवं वार्तालाप से पास किया गया जो राजशाही की ओर इशारा करता है।भाजपा को शुरू से ही लोकतंत्र एवं भारतीय संविधान पर विश्वास नहीं है। वह चाहती है कि भारत में एक ही राजा बने एवं पूर्ववत राजशाही चालू हो तथा लोकतंत्र का गला घोट कर संविधान को खत्म किया जाए राज्यसभा में यदि चर्चा कराई जाए तो यह किसान विरोधी बिल कभी भी पास नहीं होगा। डरा धमका कर यह बिल पास किया गया इसकी जितनी निंदा की जाए उतनी कम है क्योंकि राज्यसभा में जाने-माने विद्वान लोग कानूनों पर गुण-दोष के आधार पर समीक्षा करते हैं किंतु केंद्र सरकार बोलने ही नहीं देती जब से भाजपा की सरकार बनी है तब से चुन-चुन के गुजरात के उद्योगपतियों के जैसे अडानी, अंबानी के हाथों में भारत की कृषि की उपज की जाएगी। जैसे भारत के हवाई अड्डे रेलवे स्टेशन भी इन्हें ही सौंपा गया है इन्हीं का एकाधिकार है भाजपा की नीति है पूरे भारत का निजी करण।